बलरामपुर, मार्च 7 -- गैड़ास बुजुर्ग, संवाददाता। जामिया अहले सुन्नत गुलशन तैय्यबा फ़ातिमा के प्रिंसिपल एवं मस्जिद-ए-अबरार के इमाम मौलाना मोहम्मद नूरुद्दीन इस्माईली ने कहा कि रोज़ेदार को इफ़्तार कराना इस्लाम में बहुत बड़ी नेकी और सवाब का काम है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति रोज़ा रखने वाले को इफ़्तार के समय खाना, पानी या कोई भी चीज़ देता है, उसे भी रोज़ेदार के बराबर सवाब मिलता है और रोज़ेदार के सवाब में कोई कमी नहीं आती। मौलाना नूरूद्दीन इस्माईली ने कहा कि इफ़्तार कराना केवल भरपेट भोजन कराने तक सीमित नहीं है। अगर कोई व्यक्ति एक खजूर, पानी या थोड़ा सा भोजन देकर भी किसी रोज़ेदार का रोज़ा खुलवाता है तो उसे भी इफ़्तार कराने का सवाब मिलता है। रमज़ान-उल-मुबारक के पवित्र महीने में यह अमल बेहद अहम माना गया है और इससे अल्लाह तआला की रज़ा हासिल होती ...