फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 14 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबीरामजी अधिनियम से जनपद मं रोजगार के साथ ही गांव के विकास के रास्ते खुलेंगे। मनरेगा का नाम बदलकर जो योजना लागू की गयी है उसमें चार प्रमुख श्रेणियों में काम कराये जाने के प्राविधान किए गए हैं। मजदूरी में यदि देरी होती है तो ऐसे में प्रत्येक देरी वाले दिन का मुआवजा भी दिया जायेगा। जनपद के सातो ब्लाकों में 69 हजार एक्टिव जाब कार्ड धारक हैं। जाब कार्ड धारकों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी होने के बाद भी स्थिति में बदलाव नही दिख रहा था। पिछले एक वर्ष में तो मनरेगा की हालत जनपद में काफी खराब हो गयी थी। बढ़पुर, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज जनपद के ऐसे ब्लाक हैं जहां पर मजदूरों को काम भी नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार के ही आंकड़ों पर गौर करें तो ...