गिरडीह, जुलाई 9 -- धर्मेन्द्र पाठक, बगोदर। तस्वीर में दिख रहा चेहरा बगोदर प्रखंड के तिरला निवासी लालचंद महतो का है। कुछ महीने पहले घर-परिवार का पेट पालने और बच्चों को अच्छे दिन देने के सपने के साथ वह दुबई गए थे। वहां कारपेंटर का काम करते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

लालचंद की गलती उसकी एक गलती ने सबकुछ बर्बाद कर दिया है। काम के दौरान लालचंद का पासपोर्ट कहीं गुम हो गया। बस, यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई। पासपोर्ट नहीं होने पर कंपनी ने तुरंत काम से निकाल दिया। न सैलरी, न रहने की जगह, न खाने के पैसे। आज लालचंद दुबई की सड़कों पर अकेले भटक रहे हैं। मानसिक तनाव और भूख ने उन्हें तोड़ कर रख दिया है। कोई झारखंडी या भारतीय मिल जाए तो कभी-कभी खाना मिल जाता है, वरना दिन भर भूखे रहना पड़ता है। कमजोरी और तनाव के कारण उनकी हालत खराब हो गई है। व...