रोगों के निदान में चरक सिद्धांत आज भी प्रासंगिक : प्रेम शंकर पांडेय
प्रयागराज, अगस्त 16 -- विश्व आयुर्वेद परिषद की ओर से रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में महर्षि चरक जयंती पर वैज्ञानिक संगोष्ठी व सम्मान समारोह हुआ। मुख्य अतिथि वैद्य प्रेम शंकर पांडेय ने कहा कि रोगों के निदान में चरक के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. एसएस उपाध्याय ने कहा के वैद्यो को दैनिक जीवन में चरक के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रो. जीएस तोमर ने कहा कि चरक संहिता वैज्ञानिक ग्रंथ है। परमाणु सिद्धांत व नैनो तकनीकी चरक संहिता की देन है। अतिथियों ने डॉ. एमडी दुबे और डॉ. पीसी केसरी को चरक सम्मान और दीनानाथ जायसवाल को आयुर्वेद सेवा सम्मान से सम्मानित किया। श्लोक वाचन प्रतियोगिता में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, हंडिया की शिवानी सिंह प्रथम, आराध्या सरोज द्वितीय और अमरेन्द्र प्रताप विश्वकर्मा तृतीय स्थान प...
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