पटना, मार्च 24 -- स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम में मनोरोग विज्ञान को एकीकृत करना समय की मांग है। समग्र रोगी देखभाल के लिए मानसिक स्वास्थ्य की समझ प्रत्येक चिकित्सक के लिए अनिवार्य होनी चाहिए। ये बातें बेंगलुरु स्थित निमहंस के पूर्व निदेशक डॉ. बीएन गंगाधर ने आईजीआईएमएस में मंगलवार को द्वितीय अनुसंधान दिवस पर आयोजित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम व्याख्यान में कहीं। कार्यक्रम का मकसद चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित करना और भावी चिकित्सकों को शोध के प्रति जागरूक करना है। संस्थान के डीन (अनुसंधान) डॉ. राजेश कुमार ने पिछले वर्ष की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। बताया कि चार वर्षों में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से 10 करोड़ रुपये का बाह्य अनुसंधान अनुदान मिल चुका है। जिन राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों ने अनुदान दिया है उसमें आईसीएमआ...