नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में देश भर के स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षण संस्थानों में बुली करना और रैगिंग से निपटने के लिए एक केंद्रीय कानून और एक जैसी गाइडलाइंस बनाने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले ही जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों पर फैसला सुना चुकी है। पीठ ने कहा कि इन निर्देशों को लागू करने के लिए कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ता यादव आदित्य रासीवासिया के वकील को और संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने की अनुमति दे दी। याचिका में केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, सीबीएसई और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल ...