बरेली, मार्च 9 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। मरकज-ए-अहले सुन्नत में आला हजरत फाजिले बरेलवी के पोते मुफ्ती रेहान रजा खान उर्फ रहमानी मियां का 41वां एक रोजा उर्स-ए-रहमानी अकीदत के साथ दरगाह परिसर में मनाया गया। उर्स के मौके पर दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने शिरकत की और शाम को सामूहिक रोजा इफ्तार में दरगाह प्रमुख व सज्जादानशीन के साथ एक ही दस्तरखान पर इफ्तार किया। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स की शुरुआत बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी से हुई। सुबह आठ बजे महफिल का आगाज तिलावत-ए-कुरान से हुआ। नातख्वां हाजी गुलाम सुब्हानी ने हम्द, नात और मनकबत का नजराना पेश किया। इसके बाद दरगाह सरपरस्त सुब्हानी मियां की सदारत में उलेमा की तकरीरों का सिलसिला शुरू हुआ। कारी अब्दुर्रहमान कादरी ने अपने खिताब में रेहान-ए-मिल्लत की जिंदगी पर रोशनी डाल...