गोरखपुर, जनवरी 30 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। मानव से संघर्ष के बाद रेस्क्यू किए गए बाघों का नया ठिकाना शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) बनता जा रहा है। पिछले डेढ़ साल के अंदर पीलीभीत और सीतापुर के जंगलों से रेस्क्यू कर छह बाघों को चिड़ियाघर लाया गया है। इनमें दो की मौत हो चुकी है। जबकि, चार चिड़ियाघर के नाइटसेल में रखे गए हैं। चिड़ियाघर के नाइटसेल में दो बाघिन, एक बाघ और एक साल के आसपास का शावक रखे गए है। बाघिन और बाघ की उम्र करीब आठ से नौ वर्ष के बीच है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन का मानव से जबरदस्त संघर्ष हुआ है। चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि रेस्क्यू कर लाए गए बाघ पूरी तरह से स्वस्थ है। उनके सेहत से लेकर हाव-भाव की निगरानी की जा रही है। बाघिन और बाघ दोनों ही बेहद आक्रामक जं...