औरैया, अगस्त 9 -- फफूंद, संवाददाता। राजकीय रेशम फार्म भैंसोल में रविवार को 'मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0' के तहत रेशम कृषकों के लिए जागरूकता एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को वैज्ञानिक तरीके से शहतूत की खेती और रेशमकीट पालन कर गुणवत्तापूर्ण कोकून उत्पादन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने रेशम उत्पादन को किसानों की अतिरिक्त आय और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बेहतर माध्यम बताया। केंद्रीय रेशम बोर्ड के वैज्ञानिक-डी डॉ. छत्रपाल ने किसानों को शहतूत की वैज्ञानिक खेती, शूट रियरिंग, रेशमकीट पालन, कीटशाला की स्वच्छता और रोग प्रबंधन के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाकर गुणवत्तापूर्ण कोकून का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। किसानों को रेशमकीट पालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की भी जान...