आजमगढ़, मार्च 6 -- आजमगढ़, संवाददाता। जिला जल्द ही रेशम उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेशम विकास विभाग कोकून (रेशम कीट के कोष) मंगाकर जिले में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही हस्तकरघा उद्योग को नई पहचान देने और उससे जुड़े कारोबार को प्रोत्साहन देने के लिए जिले में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने से स्थानीय बुनकरों को सस्ते दर पर गुणवत्तापूर्ण रेशम धागा उपलब्ध हो सकेगा। रेशम विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। जिले के हजारों बुनकर अब तक महंगे रेशम धागे और सीमित तकनीक के कारण उत्पादन में कई तरह की दिक्कतों का सामना करते हैं। वर्तमान में बुनकर मालदा, बेंगलुरु और कश्मीर जैसे स्थानों से रेशम मंगाते हैं। से...