लखनऊ, मई 3 -- रेलवे बोर्ड ने रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, त्वरित एवं पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत अब रेलवे अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिट्स में उपचार, दवा वितरण तथा रेफरल संबंधी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस की जाएंगी। मरीजों को केवल अपना यूएमआईडी (उम्मीद) कार्ड एवं एचएमआईएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ रखना होगा। डॉक्टर की ओर से एचएमआईएस प्रणाली में दवा दर्ज किए जाने के बाद मरीज सीधे फार्मेसी से उम्मीद नंबर के माध्यम से दवा प्राप्त कर सकेंगे। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नई व्यवस्था में डिजिटल रेफरल प्रणाली को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। सामान्य परिस्थितियों में रेलवे के डॉक्टर रेफर किए गए मरीज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों मे...