लखनऊ, जुलाई 30 -- कच्चा माल उतारने की देरी पर लगने वाले डैमेज चार्ज को कम करने के एवज में 60 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी रायबरेली रेलवे के तत्कालीन माल बाबू दुर्गेश बहादुर सिंह को सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराया है। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मधु डोगरा ने दुर्गेश बहादुर सिंह को चार साल की सजा और दस हज़ार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि सीमेंट ग्राइंडिंग कंपनी के निदेशक आनंद गुप्ता ने दस अक्तूबर 2017 को सीबीआई के डीआईजी को शिकायत की थी। कहा था कि वह कंपनी का निदेशक है तथा उसकी कंपनी का कच्चा माल विभिन्न प्रदेशों से रेलवे रैक पॉइंट दरियापुर रायबरेली में मंगाया जाता है। 10 अक्तूबर को कंपनी की रैक दरियापुर रायबरेली रैक पॉइंट पर आई। किन्हीं कारणों से रेलवे के निर्धारित समय के अनुसार रैक उतारी नहीं जा सक...