वाराणसी, फरवरी 27 -- वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआर) अभिनव जैन ने 23 साल पहले रेलवे के संपत्ति चोरी करने के मामले में रेलवे के आरोपी खलासी रामचंद्र प्रसाद को एक साल के परिवीक्षा (आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने की शर्तो पर छोड़ना) पर रिहा किया गया। कोर्ट में अभियोजन के तरफ से अभियोजन अधिकारी रवींद प्रताप सिंह और बालकृष्ण जोशी ने पैरवी की। इस मामले में गुरुवार को दोषी करार दिया गया था। अभियुक्त के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। जिसके तहत शुक्रवार को आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 12 मार्च 2004 को एएसआई अमरनाथ टीम के नाकाबंदी पर थे। तभी आरोपी रामचंद्र प्रसाद बोरी में कुछ सामान भरकर जाते दिखाई दिये। उन्हें रोक बोरियों की जांच की गई। बोरी म...