नवादा, जून 21 -- नवादा शहर के विकास और शहरीकरण की दौड़ में शामिल हो कर अब नवादा शहर में आधिकारिक रूप से कोई मलिन बस्ती नहीं रह गयी है। कागजी दस्तावेजों और जमीनी हकीकत के मोर्चों पर पूर्व में चिह्नित की गईं सभी तीन मलिन बस्तियों का कायाकल्प कर उन्हें शहर की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया है। लगभग 03 हजार के आसपास मलिन बस्ती के रहवासी अब मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं और सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, लेकिन शहर के पम्पूकल चौक के समीप रेलवे की जमीन पर बसी एक आबादी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। हालांकि यह इलाका नगर परिषद क्षेत्र में मलिन बस्ती के रूप में अधिसूचित ही नहीं है। नियमानुसार, किसी अन्य विभाग (विशेषकर रेलवे) की अतिक्रमित भूमि पर नगर परिषद द्वारा कोई भी स्थायी या विकासपरक कार्य कराया जाना संभव नहीं है। इस वजह से यहां का सर्वे ...