प्रयागराज, मार्च 20 -- हाई-स्पीड और सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने पटरियों की गुणवत्ता की जांच के लिए 'सिंगल विंडो' व्यवस्था लागू कर दी है। अब कंक्रीट स्लीपर और ट्रैक फिटिंग की जांच की जिम्मेदारी राइट्स लिमिटेड को सौंपी गई है। इससे पूरे देश में एक समान गुणवत्ता मानक लागू होगा। पहले अलग-अलग एजेंसियों की व्यवस्था में खामियां मिलती थीं। नई प्रणाली के तहत सभी प्रोजेक्ट में उपयोग सामग्री का प्रमाणन अनिवार्य किया गया है, जिससे रेल फ्रैक्चर जैसी दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा।

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