प्रयागराज, जुलाई 13 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। रेलवे में ड्यूटी के दौरान जान जोखिम में डालने वाले कर्मचारियों की वास्तविक कार्य परिस्थितियां अब सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगी। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने रेलवे बोर्ड से सभी श्रेणी के रेलकर्मियों के कार्यस्थल पर हुए हादसों, मौतों और गंभीर चोटों का विस्तृत आंकड़ा मांगा है। इसी क्रम में रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और तकनीकी संस्थानों से वर्ष 2024 और 2025 का विस्तृत आंकड़ा मांगा है।रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (वेतन आयोग) सुंदीप पाल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी जोन 17 जुलाई 2026 तक निर्धारित प्रोफार्मा में ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराएं और उसके बाद अनुमोदित हार्ड कॉपी भी भेजें। रिपोर्ट में ऑन-रोल कर्मचारियों की संख्या, ड्यूटी...