देवरिया, जून 26 -- देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि मेडिकल कॉलेज में तैयार रेनोवेटेड पीआईसीयू को जांच कमेटी ने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर खारिज कर दिया है। इससे शासन की मंशा पर पानी फिर गया है। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए बेड बढ़ाने की योजना पूरी नहीं हो सकी है और तत्कालीन प्राचार्य के सही निर्णय न लेने से शासन से मिला करीब 66 लाख रुपये डूब गया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद समस्या जस की तस बनी हुई और संक्रामक बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने पर एक बेड पर दो से तीन बच्चों का इलाज करनी मजबूरी होगी। गर्मी, बारिश के मौसम में संक्रामक रोग फैलता है। इसके लिए जून से सितंबर माह तक का समय माना जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं और बीमार बच्चों की संख्या अधिक हो जाती हैं। महर्षि देवरहा बाबा...