सिमडेगा, फरवरी 17 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले के जंगली इलाकों में बसे गांवों में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों के आतंक के कारण जंगल में स्थित गांवों में रात होते ही दहशत का माहौल बन जाता है। इस वर्ष अब तक हाथियों के हमले में जिले में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई परिवार अपने कमाऊ सदस्य को खो चुके हैं। इधर सरकार की ओर से जंगली जानवरों के हमले में मृतक, घायल, फसल क्षति और घरों के नुकसान पर मुआवज़े का प्रावधान है। लेकिन यह मुआवज़ा रेंजर के सत्यापन और अनुशंसा के बाद ही स्वीकृत होता है। जिले में रेंजर के कुल पांच पद स्वीकृत हैं। जबकि वर्तमान में महज तीन रेंजर ही कार्यरत हैं। कर्मियों की कमी के कारण कई बार फाइलें लंबित पड़ती हैं और प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग समय ...