रूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा
नई दिल्ली, अगस्त 9 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अमेरिका के नए प्रतिबंध प्रस्ताव ने भारत की रूस से तेल खरीद को फिर चर्चा में ला दिया है। भारत अपनी घरेलू कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90% आयात करता है। ऐसे में सस्ता और आसानी से उपलब्ध रूसी तेल भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जून 2026 में भारत ने रूस से करीब 26 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो कुल आयात का लगभग 53.5% था। रूस से मिलने वाले तेल पर समय-समय पर ब्रेंट के मुकाबले 10 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट भी रही है। अब अगर अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो भारत के सामने सस्ते रूसी तेल और अमेरिकी बाजार में निर्यात-दोनों के बीच संतुलन की चुनौती होगी। पेश हैं कुछ सवालों के जवाब- यह भी पढ़ें- अमेरिकी सीनेट के नए बिल से 100 फीसदी...
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