नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- भारत की रिफाइनरियां रूस से कच्चा तेल खरीदकर उससे पेट्रोलियम उत्पाद तैयार कर रही हैं और इन्हें पश्चिमी देशों के बाजारों में निर्यात कर रही हैं। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में भारत, तुर्किये और ब्रुनेई की उन रिफाइनरियों से प्रतिबंध लगाने वाले देशों को भेजे गए तेल उत्पादों का मूल्य बढ़कर 1 अरब यूरो हो गया। यह अगस्त के मुकाबले 43% ज्यादा है। इस कारोबार में भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी की बड़ी भूमिका रही। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। यह भी पढ़ें- 45% बढ़ा इस बैंक का मुनाफा, 385 रुपये तक जा सकता है शेयर भाव यह मामला इसलिए अहम है, क्योंकि यूरोपीय संघ (EU) ने जनवरी 2026 से रूस के कच्चे तेल से तैयार किए गए पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर ...