नई दिल्ली, अगस्त 12 -- संतोष आर्यन, पिथौरागढ़ मशहूर फिल्म अभिनेता शाहरुख खान की फिल्म डंकी समेत विदेश यात्रा पर बनी तमाम बॉलीवुड फिल्में तो आपने देखी होंगी, जिनमें गांव-कस्बों के युवा हाथ में पासपोर्ट और आंखों में चमकते भविष्य का सपना लिए सात समंदर पार का रुख करते हैं और फिर विदेश पहुंचते ही उन्हें अमानवीय व्यवहार, मजबूरी की जिंदगी, पासपोर्ट जब्ती का खौफ झेलना पड़ता है। दो भाई आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की की कहानी भी ऐसी ही है। रूस में करीब 97 दिनों से फंसे रहने के बाद उनकी सकुशल भारत वापसी हुई है। इन्होंने अपनी आपबीती आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' से साझा की है। दोनों भाई उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित अपने घर लौट आए हैं। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान ने परिवार की व्यथा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान लेते ह...