नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- रूस और ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने के लिए अमेरिकी संसद से पास किए गए एक नए कानून पर भारत ने वॉशिंगटन को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि 1.4 अरब देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही नई दिल्ली ने चेताया है कि अगर अमेरिका ने टैरिफ जैसे कड़े कदम उठाए, तो इसका असर केवल अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर ही नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ेगा। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 'लिंडसे ओ ग्राहम सेंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' को पास कर दिया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिकार देता है कि वे उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं जो रूस से तेल और गैस की खरीद जारी रखेंगे। भारत और चीन, जो रूसी ऊर्जा ...