नई दिल्ली, मार्च 14 -- यूरोपीय राजनयिकों ने शनिवार को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ता युद्ध वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि इस नए संकट के कारण दुनिया का ध्यान रूस-यूक्रेन संघर्ष से हट रहा है, जो अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। राजनयिकों ने स्पष्ट किया कि यूरोप इस खाड़ी युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन इसके आर्थिक परिणाम उसे भुगतने पड़ रहे हैं। उन्होंने सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीति और शांति का कड़ा आह्वान किया। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने रूसी तेल पर लगी 'प्राइस कैप' (मूल्य सीमा) को हटाने का सख्त विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा करने से मॉस्को को यूक्रेन में युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने स्पष...