नई दिल्ली, मार्च 6 -- अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला करके वैश्विक राजनीति के परिदृश्य को बदल दिया है। पिछले एक साल से, जो अमेरिका भारत को रूसी तेल खरीद को बंद करने के लिए कह रहा था और इस चक्कर में उसने नई दिल्ली पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगा दिया था। वही अमेरिका अब भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए कह रहा है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से यह बयान इस तरीके से आया है कि भारत में कई लोग इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि आखिर अमेरिका कौन होता है, जो भारत जैसे एक संप्रभु देश को रूसी तेल खरीदने के लिए अनुमति हो रहा है। और क्या भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति की जरूरत है? इस सवाल का जवाब विदेशी मामलों के जानकार डॉ अनस एल हज्जी ने हिंदुस्तान के साथ किए पॉडकास्ट में दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच पैदा हु...