नई दिल्ली, मई 24 -- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का पहला नई दिल्ली दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पूरी दुनिया में होर्मुज जलमार्ग के बाधित होने से त्राहिमाम मची हुई है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका व ईरान स्थायी समाधान के किसी फॉर्मूले पर जल्द ही राजी हो सकते हैं, मगर जब तक ऐसे किसी करार की दोनों पक्षों द्वारा औपचारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक कोई भी कयासबाजी बेमानी है। इस वक्त की कड़वी हकीकत यही है कि कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं और देशों की अर्थव्यवस्था खासा दबाव में हैं। भारत उनमें से एक है, क्योंकि यह एक बड़ा तेल आयातक देश है। ऐसे में, रूबियो का यह कहना कि वाशिंगटन भारत की ऊर्जा जरूरतों को समझता है और वह उसे तेल मुहैया कराने को तैयार है, एक मिले-जुले भाव को जन्म देता है। आश्वस्ति इस बात की है कि भारत के साम...