लखनऊ विधि संवाददाता, मार्च 20 -- UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग की आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी को राहत देने से इनकार कर दिया है। डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने के आरोप में जेल में बंद पूर्व डिप्टी कमिश्नर की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ मौजूद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बेहद गंभीर हैं। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में उदारता नहीं दिखाई जा सकती।व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग ने खोली पोल जमानत याचिका खारिज करने के पीछे सबसे बड़ा आधार वह डिजिटल साक्ष्य बना, जिसे सीबीआई (CBI) ने जांच के दौरान पेश किया था। न्यायालय ने अपने आदेश में विशेष रूप से एक व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया। इस रिकॉर्डिंग से यह साफ ह...