नई दिल्ली, मार्च 30 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार को पहली बार 95 का स्तर पार कर गया। हालांकि, बाद में यह कुछ संभला और अंत में 94.78 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। एक महीने में रुपया करीब चार फीसदी गिर चुका है। वहीं, इस वित्त वर्ष में रुपया 11% से ज्यादा टूट चुका है। वित्त वर्ष 2013 के बाद रुपये का यह सबसे खराब प्रदर्शन है। इससे कारोबारियों और निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के 31वें दिन में प्रवेश करने से बाजारों में अनिश्चितता बनी रही और रुपये में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोमवार के कारोबारी सत्र में रुपये में 165 पैसे का भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत रुपया 93.62 प्रति डॉलर पर खुला और फिर मजबूत होकर 93...