नई दिल्ली, जून 4 -- मुंबई। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे कमजोर होकर 95.83 (अस्थायी) पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण घरेलू मुद्रा में यह गिरावट आई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में लंबा खिंचता संकट भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। बाजार प्रतिभागियों की नजर अब पांच जून को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक पर है। मुद्रास्फीति, वृद्धि दर और रुपये की चाल पर इसका असर पड़ सकता है। यह भी पढ़ें- रुपया 40 पैसे की गिरावट के साथ 95.76 प्रति डॉलर पर

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