गोरखपुर, मई 23 -- पीपीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। पीपीगंज नगर के वार्ड नंबर 10 सुभाष नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शनिवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। सिद्धार्थनगर से पधारे आचार्य बालकृष्ण पाण्डेय ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त थीं और बचपन से ही उन्हें पति रूप में स्वीकार कर चुकी थीं। जब उनका विवाह शिशुपाल से तय हुआ तो उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर रक्षा की प्रार्थना की। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ पहुंचकर रुक्मिणी हरण किया और द्वारिका में वैदिक रीति से विवाह संपन्न हुआ। यह भी पढ़ें- भागवत कथा भाव विभोर हुए श्रद्धालु आचार्य ने रुक्मिणी को माता लक्ष्मी का अवतार बताते हुए उनके सम...