अमरोहा, मार्च 13 -- हसनपुर, संवाददाता। क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन बुधवार रात कथा व्यास पंडित मोहित भारद्वाज ने श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह का प्रसंग सुनाया। भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीला और महारास का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण लीलामृत में जीवात्मा का परमात्मा तत्व व ब्रह्म के मिलन को ही महारास कहते हैं। कहा कि जब जीव में अभिमान आता है, तब वह भगवान से दूर हो जाता है। लेकिन जब कोई भगवान के अनुराग के विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते हैं, उसे दर्शन देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ। रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और...