लखनऊ, जनवरी 19 -- -हमारी परंपराएं गायन, नृत्य और जीवनशैली को बचाना मकसद लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता संस्कृति उत्सव सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने, विरासत को सहेजने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का जरिया हैं। इसी मकसद से सोमवार को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में एक दिवसीय संस्कृति उत्सव का आयोजन किया गया। वहां श्रोता और स्कूली छात्र-छात्राएं रीति-रिवाज और विरासत के संगम में डुबकी लगाते रहे। इस दौरान दर्शक संगीत, नृत्य, नाटक, बांसुरी वादक, कविता, वाद-विवाद, नौटंकी, रामलीला, तबला और पारंपरिक खानपान जैसी कई कलाओं से रूबरू हुए। कार्यक्रम में जिला पर्यटन और जिला प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर कलाकारों का उत्सहवर्धन किया। इस दौरान प्रेक्षागृह में संस्कृति उत्सवों में शामिल लोगों ने अपनी विरासत और रीति-रिवाजो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.