देहरादून, मार्च 10 -- बस्ती बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को निरस्त करने और छूटे हुए आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार सदर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एलिवेटेड रोड परियोजना मुख्यमंत्री के उस वादे के खिलाफ है जिसमें किसी भी बस्तीवासी को न हटाने की बात कही गई थी। इससे हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे। साथ ही रिस्पना और बिंदाल नदियों के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आने से बाढ़ का खतरा बढ़ेगा और हजारों पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी। उन्होंने रोड के बजाय आंतरिक सड़कों और सार्वजनिक यातायात को सुधारने की मांग की। परिषद ने रा...