नई दिल्ली, मार्च 10 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले साल ईडी द्वारा धनशोधन मामले में गिरफ्तार वसई विरार नगर निगम के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि रिश्वत लेने का मतलब अपराध की आय अर्जित करना है। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने सोमवार को वीवीसीएमसी के नगर नियोजन विभाग के पूर्व उप निदेशक वाई शिव रेड्डी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। याचिका में उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने और एक विशेष अदालत द्वारा पारित बाद के रिमांड आदेशों को रद्द करने की मांग की गई थी। रेड्डी पिछले साल अगस्त में गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ मूल अपराध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके आवासों पर...