मेरठ, जुलाई 1 -- धोखाधड़ी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत वसूलने वाला दरोगा काफी शातिर है और कोडवर्ड में बातचीत करता था। रिश्वत की रकम को अनार बता रहा था और एक किलो अनार का मतलब 10 हजार रुपये थे। इसलिए आरोपी ने पीड़ित पवन से दो किलो अनार की मांग की थी। कहा था कि दो किलो अनार लेकर आना। पवन और बेटे दीपक ने जब दरोगा को सारी स्थिति बताई और साक्ष्य आधार पर सच का साथ देने के लिए कहा तो दरोगा ने साफ इंकार कर दिया। पीड़ित से कहा कि सच लिखने के लिए मेरी कमल को पैसे की स्याही चाहिए। नमन चौधरी ने जो मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज कराया, उसमें पंचायत के फैसले और बाकी बातों का जिक्र नहीं किया। ये भी नहीं बताया कि वह खुद तय समय सीमा में प्रॉपर्टी का बैनाम कराने में समर्थ रहा, जिसके कारण सौदा रुक गया था। इसकी जगह दूसरे पक्ष पर 6.05 लाख रुपये ध...