धनबाद, अक्टूबर 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। घर में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी, मोबाइल में जासूसी सॉफ्टवेयर और निजी तस्वीरों व सामग्री को दोस्तों के साथ साझा करने के आरोपों ने एक वैवाहिक रिश्ते को हाईकोर्ट तक पहुंचा दिया। पत्नी ने पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने से लेकर गर्भावस्था में मारपीट करने और बेटी को स्तनपान के दौरान शराब व हुक्का पीने का दबाव बनाने तक के आरोप लगाए। दूसरी ओर, पति ने पत्नी पर शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने और परिवार के सदस्यों से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए तलाक मांगा। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने पति को राहत देने से इनकार करते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने धनबाद फैमिली कोर्ट के जनवरी 2025 के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पति की तलाक याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने...