नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- कई बार शादी के लिए रिश्ता आता है, बातचीत आगे बढ़ती है और सब कुछ ठीक लगने के बाद अचानक बात बिगड़ जाती है। एक-दो बार ऐसा होना सामान्य बात है, लेकिन अगर बार-बार यही स्थिति बन रही है तो ज्योतिष में इसकी एक वजह कुंडली के दोषों को भी माना जाता है। इनमें पितृ दोष का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, पितृ दोष का असर विवाह और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ता है। कुंडली में कुछ विशेष ग्रह स्थितियां होने पर शादी में देरी और रिश्ते टूटने जैसी स्थिति बनने की बात कही जाती है।कैसे बनता है पितृ दोष? ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली में राहु या केतु का संबंध सूर्य, चंद्रमा या नवम भाव से बनता है, तब पितृ दोष की स्थिति मानी जाती है। नवम भाव को भाग्य, धर्म और पिता से जुड़े मामलों का भाव माना गया है। इसके स्वामी ग्रह के...