नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- 'मेडलिस्ट पेड़ पर नहीं उगते, उन्हें बनाना पड़ता है प्यार से, लगन से, मेहनत से'....​फिल्म दंगल का यह डायलॉग रील लाइफ में जितना अच्छा लगता है, रियल लाइफ में इसमें उतनी ही सच्चाई है। खिलाड़ी तैयार करने के लिए बच्चों के साथ-साथ उनके माता पिता को भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको मध्यप्रदेश के एक ऐसे ही पिता की कहानी बताने जा रहे हैं, जिनकी मेहनत और उनकी बेटियों की लगन ने दंगल फिल्म की कहानी को सच कर दिखाया है। ये कहानी है रियल लाइफ के आमिर खान यानी जगदीश पटेल और वॉलीबॉल गर्ल श्रद्धा और ऋषिका की।खंडवा की वॉलीबॉल गर्ल खंडवा की कच्ची पक्की सड़कों पर दो बेटियां साइकिल के पैडल मारते 10 किलो मीटर का थका देने वाला सफर करते नजर आती थी। दोनों बहनों श्रद्धा और ऋषिका के हाथ में सिर्फ खेलने के लिए बॉल ही नहीं, बल्कि आंखों...