रांची, जनवरी 4 -- रांची, संवाददाता। रिम्स में हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल डिजीज से पीड़ित मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में हीमोफीलिया सोसाइटी रांची (झारखंड) ने रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। सोसाइटी ने पत्र में बताया है कि रिम्स में हीमोफीलिया रोगियों के लिए फैक्टर-VIII (250 व 500 आईयू), फैक्टर-IX (500, 600, 1000 व 1200 आईयू), वीडब्ल्यूडी फैक्टर-VIII, फैक्टर-VIII मिमिक, एफईआईबीए 500 जैसी जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, थैलेसीमिया के मरीजों के लिए डिफेरेसिरॉक्स, डिफेरेप्रोन और डिफेरॉक्सामाइन तथा सिकल सेल डिजीज के लिए हाइड्रॉक्सीयूरिया और एल-ग्लूटामाइन की कमी भी बताई गई है, जिससे मरीजों का उपचार...