रांची, मई 30 -- रांची, संवाददाता। बच्चों में होने वाले गंभीर नेत्र कैंसर के प्रति सचेत करने के लिए रिम्स के क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान में शनिवार को विश्व रेटिनोब्लास्टोमा जागरुकता सप्ताह मनाया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि यह पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाला एक दुर्लभ व खतरनाक कैंसर है। समय पर पहचान होने से बच्चे की जान और आंखों की रोशनी दोनों बचाई जा सकती है। मोबाइल या कैमरे से फोटो लेते समय आंख में सफेद चमक दिखना, आंखें टेढ़ी होना या लगातार लाल रहना इसके मुख्य लक्षण हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अज्ञानता के कारण बच्चे देर से अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज जटिल हो जाता है। यह भी पढ़ें- ग्लूकोमा का दिखे लक्षण तो कराएं इलाज: सीएमओ इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, रिम्स में इसके इलाज के लिए विशेषज्ञ टीम उ...