नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- मुंबई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों और बढ़ती कीमतों के चलते चालू वित्त वर्ष में भारत में रिफाइंड सूरजमुखी तेल की बिक्री में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दोहरी चुनौतियों के कारण, जिनसे मांग पर असर पड़ेगा, चालू वित्त वर्ष में भारतीय रिफाइंड सूरजमुखी तेल की बिक्री में 10 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली चुनौती पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटें हैं, और दूसरी चुनौती लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि के कारण बढ़ी हुई कीमतें हैं। इन दोनों कारणों से उपभोक्ता सस्ते विकल्पों, जैसे कि राइस ब्रान (चावल...
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