नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि रिफंड की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी। यदि 10 दिन में न तो स्वीकृति दी गई और न ही कमी संबंधी पत्र जारी हुआ तो आवेदन को स्वीकृत माना जाएगा। 90 फीसदी रिफंड दावों का जोखिम के आधार पर स्वचालित निपटारा होगा। छोटे करदाताओं के लिए कारोबार बंद करने की प्रक्रिया स्वचालित की जाएगी। अंतिम रिटर्न अब अलग से दाखिल करने के बजाय पंजीकरण बंद करने के आवेदन का ही हिस्सा होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि जीएसटी प्रणाली अब विक्रेता द्वारा दर्ज जानकारी और खरीदार द्वारा लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का चालान-दर-चालान मिलान करती है। इससे फर्जी आईटीसी की पहचान उसी समय की ज...