लखनऊ, अगस्त 23 -- स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता की जांच के लिए बनी समिति द्वारा टैरिफ संरचना पर संस्तुति देने पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि टैरिफ संरचना नियामक आयोग का काम है। समिति जिन उपभोक्ता समस्याओं के समाधान के लिए बनी थी, उस पर पूरी तरह मौन है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि समिति का मूल काम स्मार्ट मीटरों की तकनीकी गुणवत्ता और तकनीकी उपकरणों की वास्तविक कार्यप्रणाली की जांच करना था। बावजूद इसके रिपोर्ट में प्रीपेड बिलिंग के लिए टैरिफ संरचना को सरल करने और मिश्रित टैरिफ की गई है। यह गंभीर सवाल खड़े करती है। यह काम नियामक आयोग का है न कि जांच समिति का। उपभोक्ताओं की प्रमुख शिकायतें, मसलन ज्यादा बिल आने, मीटर तेज चलने, और कनेक्शन कटने के बाद दोबारा तय समय में न जुड़ने आ...