बागेश्वर, अप्रैल 22 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। गुरुवार को समाज कल्याण विभाग की जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की गई, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने निर्देश दिए कि अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रत्येक प्रकरण में एफआईआर होते ही एक सप्ताह के भीतर मुआवजे की 25 प्रतिशत धनराशि स्वीकृत कर पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए तथा अभियोजन पक्ष न्यायालय में प्रभावी पैरवी करे, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही प्रकरण की स्थिति के अनुसार शेष आर्थिक सहायता भी निर्धारित समय सीमा में प्रदान की जाए। स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में सहायता या न्याय प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबि...