नई दिल्ली, अगस्त 19 -- भारत में खेती से जुड़ा काम करने वाली करीब आधी महिलाओं को आधिकारिक तौर पर किसान के रूप में दर्ज नहीं है। महिलाओं को किसान के रूप में मान्यता न मिलने के कारण देश को हर साल 1.2 लाख करोड़ से दो लाख करोड़ रुपये तक के कृषि उत्पादन का नुकसान हो रहा है। यह रिपोर्ट कृषि क्षेत्र से जुड़ी ई-कॉमर्स कंपनी आर्या डॉट एजी ने जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, खेती से जुड़ा काम करने वाली 50.5 प्रतिशत महिलाएं परिवार के खेतों पर बिना वेतन के मददगार के रूप में दर्ज हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 21.7 प्रतिशत है。

किसान के रूप में दर्ज न होने से नुकसान रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों में मददगार व्यक्ति को किसान या खेती करने वाला व्यक्ति नहीं माना जाता। इस वजह से अगर किसी महिला को किसान के रूप में दर्ज नहीं किया गया, तो वह कृषि ऋण, कृषि सलाह और प...