नई दिल्ली, फरवरी 12 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने विदेश मंत्रालय को सेवानिवृत्त मेजर विक्रांत जेटली से मुलाकात करने और खालिद अल मरी नामक एक अमीराती लॉ फर्म के पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी पर हस्ताक्षर करवाने का निर्देश दिया है।विक्रांत जेटली की फर्म को जारी किया पत्र केंद्र सरकार ने विक्रांत जेटली का प्रतिनिधित्व करने के लिए फर्म को पत्र जारी किया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यदि वे फर्म से कानूनी सहायता लेने के इच्छुक नहीं हैं, तो वे किसी अन्य फर्म का नाम सुझाएंगे। उच्च न्यायालय ने मंत्रालय को विक्रांत जेटली को उनकी बहन सेलिना जेटली द्वारा दायर याचिका देने का भी निर्देश दिया और उनसे पूछा कि क्या वे अपनी बहन से मिलने के इच्छुक हैं। यह भी पढ़ें- 'शीशमहल' का क्या होगा, महिलाओं को 2500 कब मिलेंगे? CM रेखा गुप्ता ने सब बताया यह भी पढ़ें- UP में 2 तो ...