समस्तीपुर, जनवरी 20 -- समस्तीपुर। कैलेंडर की तारीख 31 मई 2026 मुकर्रर थी। यह वह दिन होता जब सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी को उनके शानदार कार्यकाल के लिए फूलों की माला पहनाई जाती, शॉल ओढ़ाकर विदाई दी जाती और वे सुकून की जिंदगी जीने अपने घर लौटते। लेकिन, नियति की क्रूर विडंबना देखिए-विदाई की वह तारीख आती, उससे पहले ही 'फर्ज' निभाते हुए यह कर्मयोगी हमेशा के लिए अनंत यात्रा पर निकल गया। आखिरी सांस तक दायित्व ही रहा धर्म : 66 वर्षीय डॉ. चौधरी सेवा के अंतिम पड़ाव पर भी उनका जोश किसी युवा से कम नहीं था। मंगलवार को जब वे कर्पूरीग्राम में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों का जायजा ले रहे थे, तब वे महज एक अधिकारी नहीं थे, बल्कि उस जिम्मेदारी का चेहरा थे जिसे उन्होंने ताउम्र निभाया। चिलचिलाती धूप या भागदौड़ की परवाह किए बिना वे डटे रहे। शायद यही विधि का...
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