मेरठ, अगस्त 30 -- यदि मार्कशीट, माइग्रेशन, जरूरी परीक्षा शुल्क, गलत विषय कोड एवं अंतराल सहित विभिन्न कारणों से छात्रों का रिजल्ट रुका तो चौधरी चरण सिंह विवि उन्हें परीक्षा फॉर्म नहीं भरने देगा। रिजल्ट के बाद समाधान के लिए कैंपस में बढ़ती भीड़ रोकने को विवि ने यह फैसला लिया है। विवि ने रिजल्ट डिटेंड होने पर छात्रों से संबंधित कॉलेज में अपने प्रमाण जमा कराने को कहा है। कॉलेज छात्रों से प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार कर विवि को देंगे। इसके बाद विवि छात्रों की मार्कशीट जारी कर देगा। यदि किसी ने अपना रिजल्ट क्लीयर नहीं कराया तो विवि अगली परीक्षा में उन्हें शामिल नहीं होने देगा। मेरठ मंडल के 740 कॉलेजों में हर साल करीब डेढ़ लाख छात्रों के परिणाम विभिन्न कारणों से डिटेंड होते हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बीएड की है जिसमें 80 फीसदी तक छात्रों के ...