सीतामढ़ी, अप्रैल 28 -- आमोद कुमार सीतामढ़ी। मध्याह्न भोजन योजना के तहत रसोइया-सह-सहायक के रिक्त पदों को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार के निर्देश के आलोक में जिले के सभी विद्यालयों में एक माह के भीतर रिक्त पदों पर चयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यालय में रसोइया-सहायक का पद खाली नहीं रहना चाहिए। एमडीएम निदेशक विनायक मिश्र ने जारी निर्देश में कहा है कि रसोइया-सहायक की संख्या का निर्धारण विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं के वर्तमान आंकड़े के आधार पर किया जाएगा।संशोधित प्रावधान के अनुसार कुल नामांकन के 75 प्रतिशत को आधार मानते हुए ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी रसोइया-सहायक की आयु 60 वर्ष पूरी हो जाती है या किसी कारण से पद रिक्त होता है, तो संबंधित ...