अमरोहा, मई 16 -- सड़क हादसों में घायलों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले मददगारों को प्रोत्साहित करने वाली राहवीर योजना जिले में बेअसर साबित हो रही है। हालत यह है कि बीते दो साल से योजना के लिए कोई भी नाम सामने नहीं आया है। जिले में नेक आदमी ढूंढे से भी नहीं मिल रहे हैं। गंभीर सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बकायदा कानून बनाया है। गोल्डन आवर यानी हादसे के पहले घंटे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को कानूनी सुरक्षा मिली हुई है। पुलिस मदद करने वाले को पूछताछ या गवाही देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती और उसकी पहचान भी उजागर नहीं की जाएगी। अस्पताल स्टाफ भी घायल के इलाज के लिए खर्च का दबाव नहीं बना सकता। राहवीर योजना में मददगार को 25 हजार रुपये के नकद इनाम की व्यवस्था भी है। जिले में सड़क ह...