अलीगढ़, मई 6 -- अलीगढ़। श्री दीनदयाल चिकित्सालय में श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। मंगलवार को कथा व्यास पं. आनंद ने रास प्रसंग का वर्णन किया। कहा कि गोपियां कहती है हे माधव-गोपियों का दिल बोलता है आंख से देखा करो कम क्योंकि देखते हो आप और तड़पते हैं हम। कन्हैया से इतना प्रेम की दिन रात आंखों से आंसू बहते है, प्रेम की ध्वजा गोपी हैं। प्रेम क्या है? प्रेम अकारण होता है। आज का प्रेम है अस्थाई है। निस्वार्थ निष्काम प्रेम ही वास्तविक प्रेम है। अब भगवान कहते हैं गोपीयों तुम्हारा प्रेम एक नंबर पर और मेरा दो नंबर पर क्यों? क्योंकि तुमने मुझसे ही प्रेम किया है, और मैंने तुमसे भी प्रेम किया है।

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